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Showing posts from October, 2008

बापू या मजाक !!!

आज ब्लॉग पोस्टों को पढ़कर ऐसा लग रहाहै की बापू बस अब व्यंग का विषय बनकर रह गए है।


देखे http://darvaar.blogspot.com/2008/10/blog-post_02.html
इन महाशय ने तो गाँधी जी को छुट्टी कम करने के लिए कोस डाला ।
यह बहुत दुःखदाई है। अगर याद नही कर सकते उनके सिधान्तो की चर्चा नही कर सकते . ठीक है परन्तु उनका मजाक तो मत उड़ाओ।



बापू आज भी कई जगहों पर जिन्दा है । आज भी बहुत से लोग है जो उनके सिधान्तो पर चल रहे है।
तोः कई लोगो ने सिधान्तो को आज के परिपेक्ष मैं ढाल लिया है" गांधीगिरी "......... ।
गाँधीगिरी आज एक hit formula है .जो कही न कही बापू से ही प्रेरित है ।

कृपया ग़लत धारणा नही पाले.
इस बात को कहना की बापू को लोग भुला चुके है या मजाक उड़ाना बहुत ग़लत है।

लघु पोस्ट

पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूँ , ब्लॉग जगत में हिन्दी का दबदबा बढता जा रहा है।

इनको देख मुझे भी ब्लॉग्गिंग करने की इच्छा जाग्रत हुई । इसकी पूर्णाहुति इस ब्लॉग के रूप में हुई.