बापू या मजाक !!!

आज ब्लॉग पोस्टों को पढ़कर ऐसा लग रहा है की बापू बस अब व्यंग का विषय बनकर रह गए है।


देखे http://darvaar.blogspot.com/2008/10/blog-post_02.html
इन महाशय ने तो गाँधी जी को छुट्टी कम करने के लिए कोस डाला ।
यह बहुत दुःखदाई है। अगर याद नही कर सकते उनके सिधान्तो की चर्चा नही कर सकते . ठीक है परन्तु उनका मजाक तो मत उड़ाओ।



बापू आज भी कई जगहों पर जिन्दा है । आज भी बहुत से लोग है जो उनके सिधान्तो पर चल रहे है।
तोः कई लोगो ने सिधान्तो को आज के परिपेक्ष मैं ढाल लिया है" गांधीगिरी "......... ।
गाँधीगिरी आज एक hit formula है .जो कही न कही बापू से ही प्रेरित है ।

कृपया ग़लत धारणा नही पाले.
इस बात को कहना की बापू को लोग भुला चुके है या मजाक उड़ाना बहुत ग़लत है।

Comments

  1. bhai,
    aapne pura lekh padh kar tippni ki hoti to accha hota.main bhi utna hi dukhi hoon jitna aap.

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