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अन्ना का ब्रांड

जनलोकपाल को लेकर बड़ी बड़ी बाते हो गयी .माध्यम वर्ग का गुस्सा सामने आ गया . अनशन हो गया . मिडिया घेर के खड़ा रहा पर कभी कुछ कहते नहीं सुना. बात अन्ना हजारे की कर रहा हूँ . आलोचना नहीं उत्सुकता है . पीछे जाके देखने की कोशिश करते है. ऐसा लग रहा है की अन्ना का ब्रांड बनाया जा रहा है. जबरदस्ती का महानायक ! 
अनशन की शुरुआत गाँधी बापू की समाधी से करते थे , सुनियोजित ! अन्ना का ब्लॉग (खुद नहीं लिखते) , अगर याद हो तो कुछ विवाद भी जुड़े है  अन्ना का भाषण भी सामान्य है , आप को रोके नहीं रखता न कोई विशेष जोश है एक दम सुनियोजित तरीके से ब्रांड बनाया गया ,  अन्ना टोपी , अन्ना रसोई , अन्ना टी शर्ट सरे दिन न्यूज़ कंपनिया अन्ना अन्ना गाती है . बन गया ब्रांड !  अन्ना टीम (जो उनकी नहीं सुनती ) सही मायनो मे भारत को ब्रांड से ज्यादा एक व्यक्तित्व की जरूरत है , किसी लीडर की जरूरत है . अन्ना का केवल नाम चल रहा है , बाकि सब इधर उधर चल रहा है.

जंतर मंतर

जोर किस बात का 
शोर है रात का  ये भी गुजर जायेगा शायद कुछ बदल जायेगा

ग़लत ग़लती वहम

न कुछ गलत है , अगर आप ने समझा यही है तो आप की गलती है , वर्ना तो वहम ही था .

याहे बगाहे हम तुम से कितनी बार टकराए होंगे , कभी नहीं देखा
सोचा facebook पर कोशिश कर लूं , वहां भी जवाब नहीं दिया
मेरी गलती थी क्योंकि उम्मीद कुछ ज्यादा ही हो गयी थी
गलत नहीं थी मेरी कोशिश

छोड़ो यार हमे वहम हो गया था